menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ३
chevron_left
chevron_right
युधिष्ठिर उवाच
कथं यज्ञे मरुत्तस्य द्रविणं तत्समाचितम् |  २१   क
कस्मिंश्च काले स नृपो वभूव वदतां वर ||  २१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति