menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
मौसल पर्व
अध्याय ३
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
नदन्तं पाञ्चजन्यं च वृष्ण्यन्धकनिवेशने |  १५   क
समन्तात्प्रत्यवाश्यन्त रासभा दारुणस्वराः ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति