menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
सभा पर्व
अध्याय ३
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
तां स्म तत्र मय़ेनोक्ता रक्षन्ति च वहन्ति च |  २५   क
सभामष्टौ सहस्राणि किङ्करा नाम राक्षसाः ||  २५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति