menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ४७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
मार्तिकावतकं भोजं ततः कुञ्जरकेतनम् |  ८   क
क्षुरप्रेण समुन्मथ्य ननाद विसृजञ्शरान् ||  ८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति