menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ३
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
इमं स्तवं देववरस्य यो नरः; प्रकीर्तय़ेच्छुचिसुमनाः समाहितः |  ३३   क
स मुच्यते शोकदवाग्निसागरा; ल्लभेत कामान्मनसा यथेप्सितान् ||  ३३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति