menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय ३
chevron_left
chevron_right
सहदेव उवाच
अहं हि भवता गोषु सततं प्रकृतः पुरा |  ८   क
तत्र मे कौशलं कर्म अववुद्धं विशां पते ||  ८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति