menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय ३
chevron_left
chevron_right
व्यास उवाच
वृक्षानुन्मथ्य वान्त्युग्रा वाताः शर्करकर्षिणः |  ३७   क
पतन्ति चैत्यवृक्षाश्च ग्रामेषु नगरेषु च ||  ३७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति