menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ५७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ततस्तौ रुद्रमाहात्म्याद्धित्वा रूपं महोरगौ |  ७२   क
धनुर्वाणश्च शत्रुघ्नं तद्द्वन्द्वं समपद्यत ||  ७२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति