menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय ५५
chevron_left
chevron_right
दुर्योधन उवाच
प्रशंसस्यभिनन्दंस्तान्पार्थानक्षपराजितान् |  ६   क
अर्जुनस्य रथे व्रूहि कथमश्वाः कथं ध्वजः ||  ६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति