menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ३०
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
पञ्च नद्यो वहन्त्येता यत्र निःसृत्य पर्वतात् |  ४३   क
आरट्टा नाम वाह्लीका न तेष्वार्यो द्व्यहं वसेत् ||  ४३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति