menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ३०
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
उत शल्य विजानीहि हन्त भूय़ो व्रवीमि ते |  ५७   क
यदप्यन्योऽव्रवीद्वाक्यं वाह्लीकानां विकुत्सितम् ||  ५७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति