menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २८
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
भीमसेनं हि कर्माणि स्वय़ं कुर्वाणमच्युत |  २०   क
सुखार्हं दुःखितं दृष्ट्वा कस्मान्मन्युर्न वर्धते ||  २०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति