menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ३०
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
कर्णोऽपि नोत्तरं प्राह शल्योऽप्यभिमुखः परान् |  ८८   क
पुनः प्रहस्य राधेय़ः पुनर्याहीत्यचोदय़त् ||  ८८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति