menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ३०
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
पश्येमां धार्तराष्ट्रेण माय़ामप्सु प्रय़ोजिताम् |  ३   क
विष्टभ्य सलिलं शेते नास्य मानुषतो भय़म् ||  ३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति