menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ३०
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
क्व ते तत्पौरुषं यातं क्व च मानः सुय़ोधन |  ३१   क
क्व च विक्रान्तता याता क्व च विस्फूर्जितं महत् ||  ३१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति