menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १८
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
नैव तेऽस्ति परो लोको नापरः पापकर्मणः |  १५   क
धर्म्यान्दारान्परित्यज्य यस्त्वमिच्छसि जीवितुम् ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति