menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय ११०
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
फलं प्राप्नोति विपुलं देवलोके च पूज्यते |  १०८   क
अमृताशी वसंस्तत्र स वितृप्तः प्रमोदते ||  १०८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति