menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३०४
chevron_left
chevron_right
याज्ञवल्क्य उवाच
पृथक्पृथक्तु पश्यन्ति येऽल्पवुद्धिरता नराः |  ३   क
वय़ं तु राजन्पश्याम एकमेव तु निश्चय़ात् ||  ३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति