menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३०६
chevron_left
chevron_right
याज्ञवल्क्य उवाच
ततोऽनुव्याहृतं श्रुत्वा गते देवे विभावसौ |  १३   क
गृहमागत्य संहृष्टोऽचिन्तय़ं वै सरस्वतीम् ||  १३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति