menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३०६
chevron_left
chevron_right
याज्ञवल्क्य उवाच
सर्वे वर्णा व्राह्मणा व्रह्मजाश्च; सर्वे नित्यं व्याहरन्ते च व्रह्म |  ८६   क
तत्त्वं शास्त्रं व्रह्मवुद्ध्या व्रवीमि; सर्वं विश्वं व्रह्म चैतत्समस्तम् ||  ८६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति