शान्ति पर्व  अध्याय ३०६

भीष्म उवाच

स एवमनुशास्तस्तु याज्ञवल्क्येन धीमता |  ९१   क
प्रीतिमानभवद्राजा मिथिलाधिपतिस्तदा ||  ९१   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति