menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३०८
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
अभिगम्याभिगम्यैनं याचन्ते सततं नराः |  १४३   क
न चाप्युत्सहते दातुं वित्तरक्षी महाजनात् ||  १४३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति