menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३०८
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
यथा शून्ये पुरागारे भिक्षुरेकां निशां वसेत् |  १८९   क
तथा हि त्वच्छरीरेऽस्मिन्निमां वत्स्यामि शर्वरीम् ||  १८९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति