menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३०८
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
अथ यः स्वार्थमुत्सृज्य परार्थं प्राह मानवः |  ९३   क
विशङ्का जाय़ते तस्मिन्वाक्यं तदपि दोषवत् ||  ९३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति