menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५८
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
ततः सम्पूज्यमानः स विवेश भवनं शुभम् |  १५   क
गोविन्दः सात्यकिश्चैव जगाम भवनं स्वकम् ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति