menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३१
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
एवमुक्तः स च मुनिर्धर्मराजेन नारदः |  २   क
आचचक्षे यथा वृत्तं सुवर्णष्ठीविनं प्रति ||  २   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति