अनुशासन पर्व  अध्याय ३१

भीष्म उवाच

स निष्पत्य ददौ युद्धं तेभ्यो राजा महावलः |  २०   क
देवासुरसमं घोरं दिवोदासो महाद्युतिः ||  २०   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति