कर्ण पर्व  अध्याय २५

दुर्योधन उवाच

एवं स भगवान्देवः सर्वलोकपितामहः |  १   क
सारथ्यमकरोत्तत्र यत्र रुद्रोऽभवद्रथी ||  १   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति