menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १६
chevron_left
chevron_right
वासुदेव उवाच
एतत्परममानन्दं यत्तच्छाश्वतमेव च |  ५५   क
एषा गतिर्विरक्तानामेष भावः परः सताम् ||  ५५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति