menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १३१
chevron_left
chevron_right
महेश्वर उवाच
यस्तु विप्रत्वमुत्सृज्य क्षात्रं धर्मं निषेवते |  ९   क
व्राह्मण्यात्स परिभ्रष्टः क्षत्रय़ोनौ प्रजाय़ते ||  ९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति