menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय ३१
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
उपशाम्यद्रजो भौमं रुधिरेण प्रसर्पता |  १४   क
कश्मलं प्राविशद्घोरं निर्मर्यादमवर्तत ||  १४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति