menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २१८
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
एतैश्चान्यैश्च विविधैर्हृष्टतुष्टैरलङ्कृतैः |  ३८   क
क्रीडन्निव तदा देवैरभिषिक्तः स पावकिः ||  ३८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति