भीष्म पर्व  अध्याय ३१

श्रीभगवानु उवाच

पत्रं पुष्पं फलं तोय़ं यो मे भक्त्या प्रय़च्छति |  २६   क
तदहं भक्त्युपहृतमश्नामि प्रय़तात्मनः ||  २६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति