menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ३१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
सर्वमाविग्नमभवन्न प्राज्ञाय़त किञ्चन |  ३३   क
सैन्ये च रजसा ध्वस्ते निर्मर्यादमवर्तत ||  ३३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति