menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ३१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तमुत्तीर्णं तु सम्प्रेक्ष्य समहृष्यन्त सर्वशः |  ४१   क
पाञ्चालाः पाण्डवेय़ाश्च तेऽन्योन्यस्य तलान्ददुः ||  ४१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति