menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ३१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
सोऽववद्धशिरस्त्राणः शुभकाञ्चनवर्मभृत् |  ५५   क
रराज राजन्पुत्रस्ते काञ्चनः शैलराडिव ||  ५५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति