menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३१०
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
अश्वमेधसहस्रस्य वाजपेय़शतस्य च |  ९   क
योगस्य कलय़ा तात न तुल्यं विद्यते फलम् ||  ९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति