menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३११
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
स तामप्सरसं दृष्ट्वा रूपेणान्येन संवृताम् |  ५   क
शरीरजेनानुगतः सर्वगात्रातिगेन ह ||  ५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति