शान्ति पर्व  अध्याय ३१२

भीष्म उवाच

सोऽचिरेणैव कालेन विदेहानाससाद ह |  १९   क
रक्षितान्धर्मराजेन जनकेन महात्मना ||  १९   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति