menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३१३
chevron_left
chevron_right
जनक उवाच
यदा स्तुतिं च निन्दां च समत्वेनैव पश्यति |  ३७   क
काञ्चनं चाय़सं चैव सुखदुःखे तथैव च ||  ३७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति