menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३१४
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
अथ देवगणं सर्वं सम्भ्रान्तेन्द्रिय़मानसम् |  ११   क
अपश्यद्भगवान्विष्णुः क्षिप्तं सासुरराक्षसम् |  ११   ख
किं न्वत्र सुकृतं कार्यं भवेदिति विचिन्तय़न् ||  ११   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति