menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३१५
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
न भ्राजते यथापूर्वं निषादानामिवालय़ः |  १४   क
देवर्षिगणजुष्टोऽपि वेदध्वनिनिराकृतः ||  १४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति