menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३१५
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
शैलादस्मान्महीं गन्तुं काङ्क्षितं नो महामुने |  ४   क
वेदाननेकधा कर्तुं यदि ते रुचितं विभो ||  ४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति