menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३१६
chevron_left
chevron_right
नारद उवाच
स त्वं निवृत्तवन्धस्तु निवृत्तश्चापि कर्मतः |  ५८   क
सर्ववित्सर्वजित्सिद्धो भव भावविवर्जितः ||  ५८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति