menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३१७
chevron_left
chevron_right
नारद उवाच
अन्तो नास्ति पिपासाय़ास्तुष्टिस्तु परमं सुखम् |  २१   क
तस्मात्सन्तोषमेवेह धनं पश्यन्ति पण्डिताः ||  २१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति