menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३१७
chevron_left
chevron_right
नारद उवाच
दोषदर्शी भवेत्तत्र यत्र रागः प्रवर्तते |  ६   क
अनिष्टवद्धितं पश्येत्तथा क्षिप्रं विरज्यते ||  ६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति