menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३१८
chevron_left
chevron_right
नारद उवाच
अपरे धनधान्यानि भोगांश्च पितृसञ्चितान् |  १९   क
विपुलानभिजाय़न्ते लव्धास्तैरेव मङ्गलैः ||  १९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति