menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
तद्दृष्ट्वा महदाश्चर्यं पुत्राणां दर्शनं पुनः |  २   क
वीतशोकः स राजर्षिः पुनराश्रममागमत् ||  २   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति