menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ५४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ततो वलं भारत भारतानां; प्रदह्यमानं समरे महात्मन् |  ९   क
भीतं दिशोऽकीर्यत भीमनुन्नं; महानिलेनाभ्रगणो यथैव ||  ९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति