menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ८१
chevron_left
chevron_right
पुलस्त्य उवाच
श्रीकुञ्जं च सरस्वत्यां तीर्थं भरतसत्तम |  ९१   क
तत्र स्नात्वा नरो राजन्नग्निष्टोमफलं लभेत् ||  ९१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति